मेरी जात का आईएएस
मेरा दोस्त कल्लन मिला कल शाम , उलझा हुआ और परेशान , जब मैंने पूछा परेशानी का सबब , वो बोला , “ तुम्हें मतलब ” फिर मैंने थोड़ा प्यार से टटोला , तब झिझकते हुए बोला , कल यूपीएसएसी का रिजल्ट हैं आया , मैं चौंका , क्यूंकी समझ नहीं पाया , तेरा तो नहीं है किताबों से दूर का भी कोई नाता , तू क्यों परेशान हैं ? चाहे रिजल्ट ना भी आता , क्या कोई बेटा कम्पीटीशन में था ? क्या उसका रिजल्ट ठीक नहीं रहा ? बोला , बेटों ने तो पिछले साल ही पढ़ना छोड़ दिया था , और बेटी का अण्डर ऐज में ब्याह ...